शिक्षक दिवस हमें यह याद दिलाने का अवसर है कि हम अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञ रहें। आज के डिजिटल युग में भी एक शिक्षक का व्यक्तिगत मार्गदर्शन और उनकी प्रेरणा अपरिहार्य है। हमें सदैव अपने शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि उनका दिया हुआ ज्ञान ही हमारी सबसे बड़ी संपत्ति है।
हार न मानना कभी जीवन में, यह साहस जगाते हो। मिट्टी को सोने में बदले, ऐसी आपकी पारस वाणी, धन्य हुए हम पाकर तुमको, गुरुवर की है मेहरबानी। ऐसी आपकी पारस वाणी
भूल न पाएँगे जीवन भर, गुरु के प्यारे मूल हम। कौशल कहे कि युग-युगांतर, आपका नाम अमर रहे, हर शिष्य के दिल में शिक्षक, बनकर एक प्रखर रहे। धन्य हुए हम पाकर तुमको
क्या आप इस कविता में किसी या विद्यालय के कार्यक्रम के लिए भाषण (Speech) की रूपरेखा चाहते हैं? आपका नाम अमर रहे