'प्रायेण पूर्वपदप्रधानोऽव्ययीभावः' अर्थात्, जिस समास में प्रायः पूर्व पद (पहला शब्द) प्रधान हो और वह अव्यय हो, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं। समास होने के बाद समस्त पद नपुंसकलिंग एकवचन में प्रयुक्त होता है।
विग्रह: शक्तिम् अनतिक्रम्य (शक्ति के अनुसार)
विग्रह: मक्षिकाणाम् अभावः (मक्खियों का अभाव)